Monday, September 17, 2012

Untold !


सुनो मेरा एक काम कर दो
चाँद से कुछ मिट्टी लाओ
उस मिट्टी से दो बुत बनाओ

एक तेरे जैसा , एक मेरे जैसा
फिर उन दोनों बुतों को तोड़ डालो
फिर उस मिट्टी से दो बुत बनाओ
एक तेरे जैसा एक मेरे जैसा
ताकी
तुझ मैं कुछ कुछ मैं रह जाऊं
मुझ मैं कुछ कुछ तुम रह जाओ !



Sunday, September 2, 2012

ये अदाएँ - Ye Aadayein



किसी और के चेहरे पे कहाँ थमती हैं?
ये अदाएँ हैं मेरी, सिर्फ़ मुझी पे जमती हैं |

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Kisi aur ke chehre pe kahan thamti hain?
Ye aadayein hain meri, sirf mujhi pe jamti hain !