Saturday, December 22, 2012

Untold


तारीख की आँख ने वह हाल भी देखा है,
लम्हों ने खता की सदियों ने सजा पाई  |


Monday, December 17, 2012

इंसान


मुझे देख कर तेरी हैरानी लाज़मी है, इस दौर में इंसान कम ही मिला करते हैं !!



Wednesday, October 24, 2012

एक बार ज्यादा, बस एक बार ..




"तुम मुझे भले कितनी ही बार छोड़ कर चले जाओ पर जितनी बार जाओ उससे एक बार ज्यादा लौटना, अगर बिछड़ना पचास बार तो मिलना इक्यावन बार ! यह वियोग अपनी बारी से आता रहा और साथ में मिलन भी, अंत में मिलन जीतेगा एक नंबर के फर्क से .... "

" .... तुम्हारा विश्वास नहीं टूटता ?"

"टूटता है पर फिर बंध जाता है विश्वास भले ही पचास बार टूटे, पर उसे इक्यावन बार बंधना चाहिए. एक बार ज्यादा, बस एक बार ...."



Monday, September 17, 2012

Untold !


सुनो मेरा एक काम कर दो
चाँद से कुछ मिट्टी लाओ
उस मिट्टी से दो बुत बनाओ

एक तेरे जैसा , एक मेरे जैसा
फिर उन दोनों बुतों को तोड़ डालो
फिर उस मिट्टी से दो बुत बनाओ
एक तेरे जैसा एक मेरे जैसा
ताकी
तुझ मैं कुछ कुछ मैं रह जाऊं
मुझ मैं कुछ कुछ तुम रह जाओ !



Sunday, September 2, 2012

ये अदाएँ - Ye Aadayein



किसी और के चेहरे पे कहाँ थमती हैं?
ये अदाएँ हैं मेरी, सिर्फ़ मुझी पे जमती हैं |

~~ 
Kisi aur ke chehre pe kahan thamti hain?
Ye aadayein hain meri, sirf mujhi pe jamti hain !


Thursday, August 9, 2012

Untold




सूखे  पतों की तरह ठहरे थे  हम तो ,
किसी ने समेटा भी हमे तो जलने के लिए !




Sunday, July 29, 2012

Untold



जिनके होंठो पे हंसी पाँव में छाले होंगे,
ऐसे ही लोग मेरे चाहने वाले होंगे !



ज़िन्दगी


मौत तो केवल नाम से ही बद्नाम है, वरना, तकलीफ़ तो ज़िन्दगी भी कुछ कम नहीं देती |



Friday, June 29, 2012

Untold




तू है सूरज तुझे मालूम कहाँ रात का दुःख
तू किसी रोज़ मेरे घर में उतर शाम के बाद ।


Thursday, May 31, 2012

Zindagi



ज़िन्दगी जब मायूस होती है,
तभी महसूस होती है !



Sunday, April 22, 2012

Hausla


रख हौसला कि वो मंजर भी आएगा,
प्यासे के पास चल कर खुद समंदर भी आएगा,
थक के न बैठ ये मंजिल-अ-मसाफिर
मंजिल भी मिलेगी और मिलने का मज़ा भी आएगा !




Saturday, April 14, 2012

Main


 मजिल की तरफ मैं बढ़ता हूँ ,
कभी ठोकर खा कर गिरता हूँ !

खुद ही हिम्मत करके फिर ,
किसी तरह मैं उठता हूँ !

कहते हैं मुझको लोग ,
बहुत ही कम मैं बातें करता हूँ !

पर सच हैं अकेला हूँ सब मैं,
बस आहे भर के रहता हूँ !

कुछ बातें ऐसी होती है ,
जिनके कारण मैं डरता हूँ !

पर लोगो को विश्वास है ये ,
है सही मैं  जो भी करता हूँ !

है खुदा भी मुझसे रूठा सा,
मैं याद नहीं जो करता हूँ !




Sunday, February 12, 2012

Untold



खूबियाँ इतनी तो नहीं हम  में,  कि तुम्हे हर पल याद आयेंगे ।
पर इतना ऐतबार है हमे खुद पर ,  कि तुम कभी हमे भूल न पाओगे ।।



Friday, January 27, 2012

Diary Pages



गुनगुनाते हुए अंचल की हवा दे मुझको,
उंगलिया फेर कर बालों में सुला दे मुझ को !



ये तीन कमरों का अपना घर और ये सुलगती जिंदगी अपनी,
वहीँ हसरत के ख्वाबों को भटकता छोड़ आए हैं । 


Wednesday, January 25, 2012

Untold



नयी दुनिया बसा लेने की एक कमजोर चाहत में  !
पुराने घर की  दलाहीजों   को सुना छोड़ आए हैं !!


Thursday, January 12, 2012


कोई ठोकर लगी अचानक  जब-जब चला सावधानी से ,
पर बेहोशी में मंजिल तक  जा पहुंचा हूँ  आसानी से  !



Friday, January 6, 2012

Untold


तुम जिधर जा रही थी वह रास्ता मेरे मनं के भीतर से जाता न था,
मैं तुम्हे खिंच लाऊ, ऐसा कोई मेरा तुमसे नाता न था !!



 

Thursday, January 5, 2012

खामोशियाँ

जाने कैसी नासमझी थी वह,
समझ न पायी हालात को..
जज्बात को  साँझा करने से पहले तल्खिया ले आई झंझावात  को ,
चलो अच्छा ही हुआ , अब कोई शिकायत नहीं ..
अपने ही दायरे में रह कर ओढ़  लूँगा अब खामोशियाँ  !!