Wednesday, October 24, 2012

एक बार ज्यादा, बस एक बार ..




"तुम मुझे भले कितनी ही बार छोड़ कर चले जाओ पर जितनी बार जाओ उससे एक बार ज्यादा लौटना, अगर बिछड़ना पचास बार तो मिलना इक्यावन बार ! यह वियोग अपनी बारी से आता रहा और साथ में मिलन भी, अंत में मिलन जीतेगा एक नंबर के फर्क से .... "

" .... तुम्हारा विश्वास नहीं टूटता ?"

"टूटता है पर फिर बंध जाता है विश्वास भले ही पचास बार टूटे, पर उसे इक्यावन बार बंधना चाहिए. एक बार ज्यादा, बस एक बार ...."



2 comments:

How do we know said...

if i had written a post based on this story.. it would be this. really. thank you for writing this post.

Huh? Where am I ? said...

Thanks... I too liked this one !