Wednesday, March 12, 2008

khush raho tum sada

उसको चाहा तो भी इकरार करना ना आया..
कट रही है उम्र ,हमें प्यार करना ना आया..
उसने माँगा भी अगर कुछ तो जुदाई मांगी ..
और एक हम थे की हमें इनकार करना ना आया..
पलकों पे आँसू को सजाया न जा सका
उस को भी दिल का हाल बताया न जा सका
ज़ख्मों से चूर चूर था यह दिल मेरा
एक ज़ख़्म भी उस को दिखाया न जा सका
जब तेरी याद आयी तो कोशिश के बा वजूद
आँखों मैं आँसू को छुपाया न जा सका
कुछ लोग ज़िन्दगी मैं ऐसे भी आये हैं
जिन को किसी भी लम्हे भुलायेया न जा सका
बस इस ख़्याल से कहीं उस को दुःख न हो
हम से तो हाल -ए -गम भी सुनाया न जा सका
रुला कर हमे ,वोह खुश रह पाएँगे
साथ मैं नहीं तो, मेरे जाने के बाद मुस्कुरएंगे
दुआ है खुदा से की उन्हें कभी दर्द न देना
हम तो सह गाये , वोह टूट कर बिखर जायेगी ।

These lines are not mine .. i read it some-where.. after some edits in these line and m posting here... :)

2 comments:

Anonymous said...

khush raho tum sada

Anonymous said...

khush raho tum sada